भोपाल। राजधानी के आवासीय इलाकों में अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक दुकानों पर निगम की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। अरेरा कालोनी और रोहित नगर के 429 व्यापारियों को थमाए नोटिस की मोहलत 30 जुलाई को खत्म हो रही है। शहर में अब तक निगम 800 से अधिक नोटिस व्यापारियों को थमा चुका है। इसी बीच इस पूरी प्रक्रिया में निगम की बड़ी चालाकी सामने आई है।
जानकारी के अनुसार बैरागढ़ में आवासीय अनुमति पर व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करने वाले दुकानदारों को बांटे गए नोटिसों में नगर निवेशक के हस्ताक्षर तो हैं, लेकिन उनका नाम गायब है। नोटिस किस दिन जारी किया तारीख तक दर्ज नहीं है। ऐसे खामियों भरे नोटिस देखकर अरेरा कालोनी के रहवासियों का आरोप है कि निगम कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रहा है।
29 जुलाई को जिन दुकानों की मोहलत खत्म हुई थी, उन्हें किसान आंदोलन का हवाला देकर बुधवार को कोई कार्रवाई नहीं की। जब निगम उपायुक्त भुवन गुप्ता से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद ही सीलिंग होगी। वहीं जब निगम आयुक्त संस्कृति जैन को फोन किया गया, तो उन्होंने काल रिसीव नहीं किया।