भोपाल का 'मौत का कुआं', अरेड़ी गांव में 50 फीट गहरी खुली खदानों में समा रही जिंदगियां; 15 मौतों के बाद भी प्रशासन मौन

Updated on 09-03-2026 03:34 PM
भोपाल। भोपाल के अरेड़ी गांव में सड़कों के किनारे और घरों के पास 30 से 50 फीट गहरी पुरानी खदानें खुले गड्ढों के रूप में पड़ी हैं, जो लगातार हादसों को आमंत्रण दे रही हैं। गांव में करीब 15 से अधिक ऐसी खंतियां मौजूद हैं, जिनके आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कई जगह तो घरों की दीवारें तक इन गहरे गड्ढों से सटी हुई दिखाई देती हैं। कुछ स्थानों पर तार फेंसिंग लगाई गई है, लेकिन अधिकतर हिस्से अब भी खुले पड़े हैं।शनिवार शाम करीब 5:30 बजे 24 वर्षीय रोहित माली पिता संतोष माली की तेज रफ्तार कार अरेड़ी गांव की क्रेशर बस्ती के पास ऐसी ही एक खदान में गिर गई। कार में सवार उसके दो दोस्तों को ग्रामीणों ने बचा लिया, लेकिन रोहित की पानी में डूबने से मौत हो गई। पुलिस और नगर निगम के बचाव दल के पहुंचने के बाद उसका शव बाहर निकाला जा सका।

खदानों के बीच से गुजरते हैं रास्ते

घटना के दूसरे दिन नईदुनिया की टीम ने अरेड़ी गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। जिस रास्ते से कार जा रही थी, उसके दोनों ओर गहरी खदानें हैं और वाहनों के निकलने के लिए करीब 15 फीट चौड़ा रास्ता ही बचा है। गांव के कई रास्ते इन खदानों के बीच से गुजरते हैं और बच्चे भी इन्हीं खतरनाक गड्ढों के आसपास खेलते दिखाई देते हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन खदानों से करीब 50 मीटर दूरी पर शासकीय स्कूल भी स्थित है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चे रोज इन गड्ढों के पास से गुजरते हैं।

30 साल पहले बनी थीं खदानें

ग्रामीणों के अनुसार गांव में पहले गिट्टी बनाने के लिए क्रेशर मशीनें लगाई गई थीं। उसी दौरान बड़े पैमाने पर खुदाई हुई और ये खदानें बन गईं। करीब 30 साल पहले क्रेशर बंद हो गए, लेकिन तब से अब तक इन खदानों को न तो भरा गया और न ही इनके आसपास पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई।

बरसात के मौसम में स्थिति और खतरनाक हो जाती है, क्योंकि पानी भर जाने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

15 साल में बस गई आबादी

ग्रामीण गोपाल सिंह के अनुसार खदानें करीब 30 साल पहले खोदी गई थीं और लगभग 15 साल पहले यहां बस्ती बसनी शुरू हुई। उनका कहना है कि प्रशासन ने सिर्फ कुछ जगहों पर तार फेंसिंग कराई है, लेकिन अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।

15 मौतों का दावा

ग्रामीणों का दावा है कि इन खदानों में गिरने से अब तक करीब 15 लोगों की मौत हो चुकी है। साहिब सिंह श्रीवास्तव ने बताया कि वे पांच-छह साल से यहां रह रहे हैं और एक बार उनका ई-रिक्शा भी खदान में गिर चुका है, जिससे उन्हें चोटें आई थीं। उनका कहना है कि बच्चों के आसपास खेलने से हर समय हादसे का डर बना रहता है।

नियम क्या कहते हैं

खनिज और पर्यावरण से जुड़े नियमों के अनुसार किसी भी खदान के बंद होने के बाद उसे सुरक्षित बनाना खदान संचालक की जिम्मेदारी होती है। भारतीय खान अधिनियम और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों के तहत खदान क्षेत्र को या तो मिट्टी से भरना होता है या चारों ओर मजबूत बाउंड्री, बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है।

अधिकारी का बयान

जिला खनिज अधिकारी मान सिंह रावत के अनुसार अरेड़ी की जिस खदान में हादसा हुआ है वह पुरानी और बंद खदान है, जिसके चारों ओर सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग की गई थी। उन्होंने बताया कि चालू खदानों के संचालकों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश पहले से दिए गए हैं और समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाता है। यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 11 March 2026
मप्र के सरकारी विभागों और निगम-मंडलों में एक लाख से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी हैं। इनकी नियुक्ति, वेतन भुगतान आदि का जिम्मा निजी एजेंसियों के पास है। अक्सर आरोप लगते हैं…
 11 March 2026
भोपाल, रंगपंचमी की रात श्यामला हिल्स के स्मार्ट सिटी रोड पर अपनी एक्टिवा से लौट रहे दो व्यापारी भाइयों से बदमाशों ने चाकू की नोंक पर 55 लाख रुपए लूट लिए।…
 11 March 2026
भोपाल, होली और रंगपंचमी के उत्सव के बीच राजधानी में साहित्यिक रंग भी घुलेंगे। शहर के सोमवारा स्थित भवानी चौक में 14 मार्च शनिवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन…
 11 March 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश सरकार ने कलेक्टरों से कहा है कि रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के कदम उठाएं और स्टॉक की समीक्षा करें। होटल, मॉल, बल्क एलपीजी सिलेंडर उपयोग करने वाले…
 11 March 2026
भोपाल, भोपाल के बड़ा तालाब पर अतिक्रमण किया गया है। अब अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्राइबल) की फटकार से अफसर हरकत में…
 11 March 2026
भोपाल। शहर के इंदिरा गांधी महिला एवं बाल्य गैस राहत अस्पताल की डॉ. पूजा तिवारी ने गर्भवती महिला और उसके पति को यह कहकर लौटा दिया कि अस्पताल में सर्जिकल उपकरण…
 11 March 2026
भोपाल। शाहजहांनाबाद क्षेत्र में पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले अतुल निहाले को सुनाई गई फांसी की सजा फिलहाल टल गई है। मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय ने…
 11 March 2026
भोपाल। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध और ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराते संकट के बीच राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के लाखों रसोई गैस उपभोक्ता एक नई डिजिटल समस्या से जूझ रहे हैं।…
 11 March 2026
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ के समक्ष सोमवार को शिशु का भ्रूण लेकर पहुंचा रीवा निवासी दयाशंकर पांडे फिलहाल पुलिस की हिरासत में है। उसने…
Advt.