GNews7.com

6 साल की उम्र में लिया गोद, अब हिंसक व्यवहार से मां परेशान; क्या कानूनी तौर पर बच्चे को ‘वापस’ किया जा सकता है?

Updated on 22-09-2026 11:47 AM
नई दिल्ली: क्या कानूनी प्रक्रिया पूरी कर गोद लिए गए बच्चे को सालों बाद वापस किसी संस्था को सौंपा जा सकता है? अगर बच्चा बड़ा होने के साथ इतना आक्रामक हो जाए कि गोद लेने वाले माता-पिता के लिए उसकी देखभाल करना मुश्किल हो जाए और परिवार को सुरक्षा का डर सताने लगे, तो कानून क्या रास्ता देता है? ऐसे ही अहम सवालों से जुड़ा एक मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा है। कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार और संबंधित बाल कल्याण अधिकारियों से जवाब मांगा है।

2018 में 6 साल की उम्र में लिया था गोद

दिल्ली हाई कोर्ट जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ के सामने एक महिला ने याचिका दायर की है। महिला के मुताबिक, उसने और उसके पति ने 2018 में CARA के माध्यम से 6 साल के बच्चे को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गोद लिया था। याचिका में दावा किया गया है कि बाद में बच्चे के व्यवहार और मानसिक स्थिति से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आईं।

आक्रामक व्यवहार और चोरी का लगाया आरोप

महिला के वकील अली बिन सैफ ने अदालत को बताया कि बच्चे के व्यवहार में आक्रामकता और चोरी जैसी समस्याएं सामने आईं। याचिका के अनुसार, उसे कई स्कूलों से भी निकाला जा चुका है। एक स्कूल में कथित तौर पर एक अन्य छात्र के साथ अनुचित व्यवहार की घटना सामने आने के बाद उसका दाखिला भी खत्म कर दिया गया था।

पति की मौत के बाद बढ़ी मुश्किल

याचिका के मुताबिक, बच्चे को गोद लेने के करीब तीन साल बाद महिला के पति का निधन हो गया। इसके बाद महिला अपनी बुजुर्ग मां और बहन के साथ रह रही है। महिला का कहना है कि घर में तीन महिलाएं हैं और बच्चे के बढ़ते आक्रामक व्यवहार के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है।

मां चाहती है संस्था को सौंपी जाए कस्टडी

महिला ने हाई कोर्ट से मांग की है कि बच्चे की कस्टडी 'सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी' (CARA) या किसी सरकारी अथवा निजी संस्था को सौंपने के लिए निर्देश दिए जाएं। उसका कहना है कि ऐसी संस्था बच्चे को जरूरी मेडिकल देखभाल और इलाज उपलब्ध करा सकती है। महिला ने अदालत को यह भी बताया कि वह अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार बच्चे के इलाज का खर्च उठाने के लिए तैयार है।

हाई कोर्ट ने पूछा- कानून में क्या है रास्ता?

सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि ऐसे मामलों में गोद लिए गए नाबालिग की वापसी या वैकल्पिक देखभाल से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर बहुत कम उदाहरण उपलब्ध हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार से CARA के माध्यम से इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने को कहा है।

चाइल्ड वेलफेयर कमिटी को भी नोटिस

हाई कोर्ट ने लाजपत नगर स्थित चाइल्ड वेलफेयर कमिटी-कस्तूरबा निकेतन कॉम्प्लेक्स को भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या नाबालिग को वहां रखा जा सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने संबंधित अधिकारियों से 30 सितंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अब इस मामले में अदालत के सामने मुख्य सवाल सिर्फ परिवार की परेशानी का नहीं, बल्कि ऐसे हालात में गोद लिए गए नाबालिग की देखभाल, सुरक्षा, पुनर्वास और कानूनी कस्टडी की व्यवस्था से भी जुड़ा है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 September 2026
पूनम पाण्डे: पेपर लीक के खिलाफ युवाओं ने जंतर-मंतर पर आंदोलन किया, सरकार से सवाल पूछे और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव (DUSU) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का छात्र संगठन,…
 22 September 2026
नई दिल्ली: एक इमारत गिरी और 7 लोगों की जान चली गई... इस हादसे ने सिर्फ दिल्ली के सत्य निकेतन को नहीं, बल्कि देश के तेजी से फैलते शहरों में…
 22 September 2026
नई दिल्ली: राजस्थान का जोधपुर एयरबेस जल्द ही दुनिया की कई प्रमुख वायु सेनाओं की ताकत का गवाह बनने वाला है। यहां 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक मल्टीनेशनल एयर…
 22 September 2026
नई दिल्ली: क्या कानूनी प्रक्रिया पूरी कर गोद लिए गए बच्चे को सालों बाद वापस किसी संस्था को सौंपा जा सकता है? अगर बच्चा बड़ा होने के साथ इतना आक्रामक…
 22 September 2026
नई दिल्ली: सिंधु जल समझौता रुकने से पाकिस्तान में बहुत ही छटपटाहट है। उसने इस समझौते को फिर से शुरू करवाने के लिए भारत पर दबाव बनाने के अपने सारे…
 22 September 2026
सी.आर. पाटिल, नई दिल्ली: जल हमें उन तरीकों से जोड़ता है, जिनमें बहुत कम दूसरे संसाधन जोड़ पाते हैं। नदियां प्रशासनिक सीमाओं को नहीं पहचानतीं। भूजल के स्रोत कई समुदायों…
 22 September 2026
नई दिल्ली: दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। पुरानी दिल्ली के 125 साल के वोटर श्याम मुखिजा…
 21 September 2026
BRICS के बढ़ते प्रभाव, भारत-चीन संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा और UNSC में सुधार जैसे मुद्दों पर दुनिया की नजर है। ऐसे में भारत के लिए इस मंच की बदलती भूमिका कितनी…
 21 September 2026
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन ( SIR ) के बाद मतदाता सूची से हटाए गए अनगिनत वोटर शायद एक दशक तक वोट न दे पाएं। ऐसा इसलिए…
Advt.