भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को अब अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में पूर्व में जारी दोनों आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
अब राष्ट्रपति और राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा अवधि के दौरान लागू सामान्य वेतनवृद्धि के नियमों के अनुसार ही वेतन बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।अब तक राष्ट्रपति से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को दो अतिरिक्त वेतनवृद्धि और राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि दिए जाने का प्रविधान था।
इस व्यवस्था के चलते शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य, नवाचार और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित होते थे। कई पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों ने अपने नवाचारों के माध्यम से स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार करने के साथ विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बता दें,कि जनगणना कार्यक्रम में बेहतरीन काम करने वाले 76 शिक्षकों ने वेतनवृद्धि का फायदा उठा लिया। इस कारण फिलहाल इसे निरस्त किया गया।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 24 सितंबर 2003 को जारी आदेश और उसके अनुक्रम में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 7 मई 2007 को जारी स्पष्टीकरण के तहत पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अतिरिक्त वेतनवृद्धि देने के निर्देश थे।इन दोनों आदेशों के कारण कतिपय प्रकरणों में दोहरे वित्तीय लाभ की स्थिति निर्मित होने का उल्लेख करते हुए इन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।नया आदेश जारी होने की तारीख से प्रभावी होगा।
विगत वर्षों में प्रदेश में एक राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और 52 राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिए जाते थे। इस वर्ष राज्य स्तरीय पुरस्कारों की संख्या बढ़ाई गई है। अब प्रदेश के प्रत्येक जिले से दो शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इस तरह कुल 110 शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किए जाएंगे। साथ ही इस बार शिक्षकों का 90 फीसद से अधिक ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता भी लागू की गई है।
पुरस्कार प्राप्त उच्च माध्यमिक शिक्षक को तीन से चार हजार, माध्यमिक को दो से ढाई हजार और प्राथमिक को एक से डेढ़ हजार रुपये का वेतन में वृद्धि होता है।