भोपाल। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय (बीयू) इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था और अंदरूनी विवादों के चलते सुर्खियों में है। विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने के मामले ने जहां प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं कुलगुरु प्रो. एसके जैन द्वारा कर्मचारियों के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने से विवाद और गहरा गया है।
विश्वविद्यालय में पहली बार ऐसा मामला सामने आया है, जब कुलगुरु ने अपने ही कर्मचारियों पर सहयोग नहीं करने और जरूरी जानकारी छिपाने के आरोप लगाए हैं। इस पूरे घटनाक्रम से विश्वविद्यालय के भीतर तनाव का माहौल बन गया है और कर्मचारी संगठन भी खुलकर विरोध में उतर आए हैं। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई है।
सूत्रों के मुताबिक हाल ही में आयोजित कुलसचिवों की बैठक में भी इस मामले पर चर्चा हुई। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने विश्वविद्यालय की स्थिति पर नाराजगी जताई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में यह पहला मामला है, जब किसी विश्वविद्यालय के कुलगुरु ने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया हो।
कुलगुरु प्रो. एसके जैन का कार्यकाल सितंबर में समाप्त होने वाला है, जबकि जुलाई से नए कुलगुरु के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसी बीच कर्मचारी संगठनों में असंतोष बढ़ गया है। कर्मचारी संघ के महासचिव धीरेंद्र सिंह ने कुलगुरु के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कर्मचारियों को स्वीकृत पदों की जानकारी देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों को बेवजह परेशान किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।