GNews7.com

कनाडा ने माना- एअर इंडिया फ्लाइट ब्लास्ट खालिस्तानियों ने किया

Updated on 26-06-2026 02:49 PM
ओटावा, कनाडा ने पहली बार आधिकारिक तौर पर माना है कि 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 'कनिष्क' में हुए बम धमाके के पीछे कनाडा में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों का हाथ था। कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस( CSIS) ने इस घटना को ‘जघन्य आतंकवादी काम’ बताया है।

23 जून को इस घटना के 41 साल पूरे होने पर CSIS ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एजेंसी ने लिखा,

QuoteImage

आतंकवाद के पीड़ितों की राष्ट्रीय स्मृति दिवस पर हम एयर इंडिया फ्लाइट 182 के उन 329 लोगों को याद करते हैं, जिन्होंने एक जघन्य आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई।

QuoteImage

इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 268 कनाडाई नागरिक थे, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के थे। 24 लोग भारत के नागरिक थे।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी दी श्रद्धांजलि

23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट 182 'कनिष्क' मॉन्ट्रियल से लंदन होते हुए नई दिल्ली आ रही थी। लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने से करीब 45 मिनट पहले आयरलैंड के तट के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर विमान में जोरदार विस्फोट हुआ और विमान हवा में ही टूटकर समुद्र में गिर गया। इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस घटना को देश के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया है। उन्होंने कहा, "41 साल पहले एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके में 329 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिनमें 268 कनाडाई नागरिक थे। यह आज भी कनाडा के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। कनाडा हर तरह के हिंसक आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है।"

जांच में सामने आया कि विस्फोटक एक सूटकेस में छिपाकर विमान के चेक-इन बैगेज में रखा गया था। यह सूटकेस जिस यात्री के नाम से चेक-इन हुआ था, वह खुद विमान में सवार ही नहीं हुआ।

कनाडाई जांच एजेंसियों ने निष्कर्ष निकाला था कि यह हमला 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के जवाब में किया गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया था। जांच के मुताबिक, इसी के प्रतिशोध में सिख अलगाववादियों ने एयर इंडिया विमान को निशाना बनाया।

एयर इंडिया फ्लाइट 182 पर हुआ हमला आज भी किसी यात्री विमान पर हुआ दुनिया का सबसे घातक बम धमाका माना जाता है। हालांकि 2001 के 9/11 हमलों के बाद यह घटना वैश्विक स्तर पर कुछ हद तक चर्चा से बाहर हो गई, लेकिन कनाडा, भारत और आयरलैंड में इसे आज भी नहीं भुलाया गया है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 26 June 2026
ओटावा: कनाडा आने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या में इस साल 60 प्रतिशत की भारी कमी आई है। कनाडा जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में भी तेज गिरावट देखी…
 26 June 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान से हुए ड्रोन हमले का दोष भारत पर मढ़ दिया है। बीते हफ्ते अफगान तालिबान की सेना ने पाकिस्तान के दो प्रांतों…
 26 June 2026
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के मिनाब गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में अमेरिकी मिसाइल के इस्तेमाल से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उस वक्त हर…
 26 June 2026
ओटावा, कनाडा ने पहली बार आधिकारिक तौर पर माना है कि 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 'कनिष्क' में हुए बम धमाके के पीछे कनाडा में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों का…
 24 June 2026
न्यूयॉर्क: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एरिया फॉर्मूला (Arria Formula) बैठक में पाकिस्तान की क्लास लगाई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने जम्मू…
 24 June 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कुर्सी खतरे में हैं। पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने कहा है यह साल प्रधानमंत्री के रूप में शाहबाज शरीफ का…
 24 June 2026
प्योंगयोंग: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने कहा कि उनका देश 'नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस कर रहा है'। उत्तर कोरिया के तानाशाह ने इसके अलावा 10,000 टन…
 24 June 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यूक्रेन के लिए एक शांति योजना पेश की थी, जिसमें भारतीय सैनिकों को शामिल करने का प्लान था। वेंस ने जनवरी 2025 में ओवल…
 24 June 2026
तेहरान/नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 से ज्यादा नाविकों को निकालने का काम शुरू कर दिया है। यह कदम ईरान के…
Advt.