मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन राज्य सरकार ने विधायी गतिविधियों की रफ्तार तेज करते हुए एक साथ 14 विधेयक सदन के पटल पर रख दिए। आज मंगलवार को 8 विधेयकों पर चर्चा होगी। कांग्रेस से विधायक आरिफ मसूद ने समान नागरिक संहिता पर संशोधन का प्रस्ताव दिया है। विधेयक से पहले इस पर चर्चा होगी।
एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में विधेयक पेश होने पर विपक्ष ने प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए, जबकि सरकार और विधानसभा अध्यक्ष ने इसे नियमों के अनुरूप बताया।
कांग्रेस विधायकों बाला बच्चन और सचिन यादव ने पूरक कार्यसूची के जरिए विधेयक पेश किए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इतने महत्वपूर्ण विधेयकों की पूर्व जानकारी विधायकों को मिलनी चाहिए थी, ताकि वे तैयारी के साथ चर्चा में हिस्सा ले सकें।
विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि कार्यमंत्रणा समिति की सहमति के बाद ही पूरक कार्यसूची जारी की गई। उन्होंने कहा कि पहले भी इस प्रक्रिया के तहत विधेयक सदन में लाए जाते रहे हैं। साथ ही मंगलवार को आठ विधेयकों पर विस्तृत चर्चा और बहस के लिए समय निर्धारित किया गया है।
यूसीसी विधेयक को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने संशोधन का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने मांग की है कि संविधान के अनुच्छेद 25 और 29 के तहत संरक्षित धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं वाले समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा जाए। उनका तर्क है कि ऐसे समुदायों के पारंपरिक अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।