वहीं जी परमेश्वर ने नए डिप्टी चीफ मिनिस्टर पद की शपथ ली। इनके अलावा 12 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें पूर्व सीएम सिद्धारमैया के एमएलसी बेटे यतींद्र सिद्धारमैया भी शामिल हैं।
शिवकुमार, सिद्धारमैया की जगह राज्य की कमान संभालेंगे। सिद्धारमैया ने 28 मई को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। वे 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक मुख्यमंत्री रहे।
4 डिप्टी सीएम भी बनाए जा सकते हैं, राहुल शपथ में आएंगे
सूत्रों के मुताबिक, नई कैबिनेट में सिद्धारमैया और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे भी शामिल हो सकते हैं। 4 डिप्टी CM भी बनाए जा सकते हैं। मौजूदा कैबिनेट से 10 मंत्री हटाए जा सकते हैं।
कांग्रेस विधायक टीबी जयचंद्र ने कहा कि बुधवार को कुछ विधायक मंत्री की शपथ लेंगे। विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव 18 जून तक चलने के कारण मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार उसके बाद होगा। 18 जून के बाद पूरी कैबिनेट का गठन होने की संभावना है।
शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी, खड़गे के अलावा केरल, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना के कांग्रेस मुख्यमंत्री शामिल होंगे। तमिलनाडु और झारखंड के मुख्यमंत्री भी आएंगे। इधर, शपथ ग्रहण से ठीक एक दिन पहले सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) का सदस्य नियुक्त किया गया।
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में हैं। उनके पास ₹1413 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। वह रियल एस्टेट, खनन, होटल कारोबारी हैं। इतनी संपत्ति के बावजूद उनके चुनावी हलफनामे में एक टोयोटा क्वालिस कार दर्ज है। 263 करोड़ का कर्ज भी है।
1962 में बेंगलुरु के पास कनकपुरा में जन्मे डीके वोक्कालिगा समुदाय से हैं। वह कनकपुरा से ही विधायक हैं। कांग्रेस में उनकी पहचान ऐसे नेता की है जो पार्टी विधायकों को टूटने से बचाते हैं। किसी भी बड़े ऑपरेशन, चुनाव मैनेजमेंट, प्रचार या गुप्त रणनीतियों के लिए जिस वित्तीय और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट की जरूरत होती है, उसे वे बखूबी मैनेज कर लेते हैं।
डीके पर 19 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। ईडी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के दो केस में जांच कर रही है। 2017 में आयकर विभाग के छापे में इनके घर 8.5 करोड़ रुपए मिले थे। इसी केस में वह 2019 में गिरफ्तार हुए। उन्हें 50 दिन तिहाड़ में बिताने पड़े थे। सीबीआई आय से ज्यादा संपत्ति के एक मामले में जांच कर रही है।