भोपाल। अयोध्या बायपास स्थित सैनी इंडेन गैस एजेंसी एक बार फिर विवादों में आ गई है। पिछले छह महीनों में दूसरी बार गैस सिलिंडरों से गैस चोरी का मामला सामने आया है। जांच के दौरान 26 घरेलू गैस सिलिंडरों में निर्धारित मात्रा से दो से तीन किलो तक गैस कम पाई गई।
इसके अलावा पांच सिलिंडरों की सील टूटी हुई मिली। जांच के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इससे एजेंसी से जुड़े करीब 12 हजार उपभोक्ताओं के साथ लंबे समय से अनियमितता होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, करीब छह महीने पहले भी खाद्य विभाग की टीम ने सैनी इंडेन गैस एजेंसी के एक वाहन की जांच की थी। उस समय भी सिलिंडरों की तौल में दो से तीन किलो तक गैस कम मिली थी। यह मामला एडीएम कोर्ट तक पहुंचा था, लेकिन एजेंसी संचालक के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अनियमितताओं पर रोक नहीं लग सकी।
हालिया जांच ऐसे समय में हुई है जब ईरान-इजराइल युद्ध के कारण गैस आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। आरोप है कि इसी दौरान सिलिंडरों से गैस निकालकर उपभोक्ताओं को कम मात्रा वाले सिलिंडर दिए गए।
जांच में बड़ी संख्या में सिलिंडरों में कमी मिलने के बाद खाद्य विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
करीब ढाई महीने पहले मालीखेड़ी स्थित गैस गोदाम की जांच के दौरान भी विवाद की स्थिति बनी थी। खाद्य विभाग की टीम जब सिलिंडरों की जांच करने पहुंची तो संचालक ने तौल प्रक्रिया पर आपत्ति जताई और टीम से बहस की।
संचालक का कहना था कि खाद्य विभाग को सिलिंडरों की तौल कराने का अधिकार नहीं है। इसके बाद सहायक आपूर्ति अधिकारी संदीप भार्गव ने नापतौल विभाग की टीम को बुलाया। टीम ने सिलिंडरों की जांच की, जिसमें अनियमितताओं की पुष्टि हुई थी।