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इंसानी जिद ने बंजर जमीन को बना दिया 'मिनी अमेजन'! 17 साल बाद मेक्सिको से आई चमत्कारिक तस्वीर

Updated on 05-09-2026 04:51 PM
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico Forest Restoration) में वैज्ञानिकों ने कुछ पेड़ लगाए थे। आज वह सूखी जमीन करीब 5,000 पौधों के एक घने और लहलहाते जंगल में बदल चुकी है। प्रकृति के इस अभूतपूर्व पुनरुत्थान ने यह साबित कर दिया है कि सही कोशिशों से नष्ट हो चुके पारिस्थितिकी तंत्र को भी दोबारा जिंदा किया जा सकता है।

2023 तक हुए एक सर्वे में 109 तरह की प्रजातियों के 4,847 पौधे लगाए गए थे। इससे यह लंबी अवधि की जानकारी मिली कि मवेशियों के चरना बंद होने के बाद वहां पेड़-पौधे कैसे विकसित हुए। 'साइंसडायरेक्ट' में छपी स्टडी 'अंडरस्टोरी कॉन्ट्रास्ट्स अक्रॉस एक्सपेरिमेंटल ट्रॉपिकल फॉरेस्ट रेस्टोरेशन' के मुताबिक जिन प्लॉट पर पेड़ लगाए गए थे उनमें प्राकृतिक रूप से विकसित होने के लिए छोड़े गए इलाकों की तुलना में आम तौर पर ज्यादा पौधे और प्रजातियां पाई गईं।

मेक्सिको में 17 साल पहले शुरू हुआ प्रयोग कैसे बना मिसाल?

रिपोर्ट के मुताबिक जब विश्लेषण से उन पेड़ों को हटा दिया गया जो शुरू में लगाए गए थे तब भी जानवरों द्वारा फैलाए गए बीजों से उगे पौधों की संख्या ज्यादा पाई गई। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि पेड़ लगाए गए इलाकों में जंगल की खास प्रजातियां पनपीं, जबकि बहाली के अलग-अलग तरीकों के बावजूद जंगल की निचली परत (अंडरस्टोरी) की बनावट मोटे तौर पर एक जैसी रही।

रिपोर्ट के मुताबिक प्रयोग की शुरुआत के 17 साल बाद जुलाई 2023 में इसका पुनः सर्वेक्षण किया गया। शोधकर्ताओं ने 40 से 225 सेंटीमीटर ऊंचाई वाले काष्ठीय पौधों और ताड़ के वृक्षों को दर्ज किया जिससे वे हाल ही में हुए फैलाव के माध्यम से आए छोटे पौधों को भी शामिल कर सके। अध्ययन में इस वनस्पति को उस निचली परत के रूप में वर्णित किया गया है जो भविष्य में पुनर्स्थापित वन के लिए आधार बनेगी।
शोधकर्ताओं ने 109 टैक्सोन से संबंधित 4,847 पौधे उगे हुए पाए। इनमें से 80 की प्रजाति पांच की वंश और चार की कुल की पहचान की गई जबकि 20 की पहचान ज्यादा सटीक रूप से नहीं की जा सकी। तुलना के लिए सर्वेक्षण किए गए दो संदर्भ वन भूखंडों में 309 पौधे थे।


वृक्षारोपण का पौधों की वृद्धि पर क्या प्रभाव पड़ा?

जब सभी नए उगे पौधों की गणना की गई तो दोनों प्रकार के वृक्षारोपण वाले भूखंडों में प्राकृतिक अनुक्रमण के लिए छोड़े गए क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा पौधे पाए गए। पशुओं द्वारा फैलाए गए भूखंडों में औसतन लगभग 253 पौधे प्रति भूखंड थे जबकि हवा द्वारा फैलाए गए भूखंडों में लगभग 219 और प्राकृतिक अनुक्रमण वाले भूखंडों में 134 पौधे थे। प्रजाति घनत्व में भी इसी प्रकार का पैटर्न देखा गया जिसमें पशुओं द्वारा फैलाए गए भूखंडों में औसतन 33.5 प्रजातियां प्रति भूखंड, हवा द्वारा फैलाए गए भूखंडों में 29.1 और प्राकृतिक अनुक्रमण वाले भूखंडों में 20 प्रजातियां थीं।

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