महासमुंद। राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत द्वितीय दिवस आज महासमुंद जिले के 1806 शासकीय एवं निजी विद्यालयों में स्कूल स्तर पर ‘मेरे सपनों का भारत’ सेवा चित्र प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। देश की विकास यात्रा को बच्चों की कल्पनाओं और रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त करने वाले इस अनूठे आयोजन में लगभग 1 लाख 96 हजार विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह प्रतियोगिता केवल रंगों और रेखाओं का मेल नहीं, बल्कि बीते 25 वर्षों की विकास यात्रा को देखने और आने वाले 25 वर्षों के भारत की कल्पना करने का एक रचनात्मक प्रयास रही। बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति के कैनवास पर उस भारत को उकेरा, जिसे वे अपने सपनों में देखते हैं, एक ऐसा भारत जो आधुनिक, सशक्त, आत्मनिर्भर, तकनीक-संपन्न और समावेशी हो।
प्रतियोगिता के पहले विषय विगत 25 वर्ष के अंतर्गत विद्यार्थियों ने देश में हुए विभिन्न सामाजिक, तकनीकी और विकासात्मक बदलावों को अपनी कलाकृतियों में स्थान दिया। स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, सेना का शौर्य, नया कश्मीर, नक्सलवाद मुक्त भारत, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और एआई के बढ़ते प्रभाव सहित विकास और परिवर्तन के अनेक विषय बच्चों के चित्रों में दिखाई दिए। किसी चित्र में स्वच्छता के संदेश के साथ स्वच्छ और सुंदर भारत की तस्वीर थी, तो किसी में डिजिटल तकनीक के माध्यम से बदलते भारत की झलक। कहीं देश की सीमाओं की रक्षा करते वीर जवानों का शौर्य दिखाई दिया, तो कहीं आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से भविष्य की संभावनाओं को रंगों में अभिव्यक्त किया गया। बच्चों ने अपने चित्रों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि विकास केवल बड़े शहरों और आधुनिक इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छता, शिक्षा, तकनीक, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और प्रत्येक नागरिक के बेहतर जीवन से मिलकर विकसित राष्ट्र का निर्माण होता है।
प्रतियोगिता का दूसरा विषय ‘सपना-आगामी 25 वर्ष’ विद्यार्थियों की कल्पनाओं का संसार रहा। इसमें बच्चों ने विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को अपने-अपने ढंग से रंगों में जीवंत किया। किसी ने अंतरिक्ष और विज्ञान की नई ऊंचाइयों को छूते भारत का चित्र बनाया, तो किसी ने आधुनिक गांवों, स्मार्ट शहरों, हरित ऊर्जा और तकनीक से जुड़े समाज की कल्पना की। अनेक चित्रों में आत्मनिर्भर भारत, बेहतर शिक्षा, रोजगार के अवसर, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक से समृद्ध भविष्य की तस्वीर उभरकर सामने आई। इन चित्रों में बच्चों का सपना केवल एक विकसित देश का नहीं, बल्कि ऐसे भारत का है जहां अवसर सबके लिए हों, शिक्षा और तकनीक हर बच्चे तक पहुंचे, गांव और शहर समान गति से आगे बढ़ें तथा भारत अपनी क्षमताओं के बल पर विश्व में नई पहचान स्थापित करे।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को देश की विकास यात्रा से जोड़ने के साथ ही उनमें राष्ट्र निर्माण की भावना, रचनात्मक सोच और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के दो दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में सेवा, समर्पण और सुशासन की यात्रा से प्रेरणा लेते हुए आयोजित यह गतिविधि विद्यार्थियों को अपने आसपास हो रहे बदलावों को समझने और भविष्य के भारत के बारे में सोचने का अवसर प्रदान कर रही है।
विद्यालयों में प्रतियोगिता के दौरान बच्चों का उत्साह देखते ही बना। रंग, ब्रश और कागज के साथ बैठे विद्यार्थियों ने अपने मन में बसे भारत को चित्रों का रूप दिया। किसी के लिए भारत तिरंगे के गौरव का नाम था, किसी के लिए तकनीक और तरक्की का, तो किसी के लिए गांव, किसान, प्रकृति और आत्मनिर्भरता का। इस तरह हजारों चित्रों में भारत के वर्तमान और भविष्य की करोड़ों कल्पनाओं की झलक दिखाई दी।
17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चरणबद्ध आयोजन
सेवा चित्र प्रतियोगिता का यह विशेष आयोजन 17 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक जिले के सभी विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 28 सितंबर 2026 को जिले के 184 संकुलों में श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित होगी। 1 अक्टूबर 2026 को संकुल स्तर के विजेता विद्यार्थियों के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं 3 अक्टूबर 2026 को ब्लॉक स्तर के विजेता विद्यार्थियों की जिला स्तरीय प्रदर्शनी आयोजित होगी। जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। चयनित विजेता विद्यार्थियों को आगे राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।