GNews7.com

MSME विभाग में जूनियर बने बॉस, सीनियर अफसरों में नाराजगी

Updated on 22-06-2026 12:59 PM
भोपाल, वाणिज्यिक कर विभाग के बाद अब मध्यप्रदेश के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विभाग में तबादलों और प्रभार आदेशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग के भीतर आरोप लग रहे हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों को नजरअंदाज कर जूनियर अधिकारियों को बड़े पदों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस फैसले का विभाग के कई अधिकारी खुलकर विरोध कर रहे हैं।

विवाद 15 और 16 जून को जारी हुए प्रभार आदेशों को लेकर है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने ऐसी व्यवस्था लागू कर दी है जिसे कर्मचारी "चार्ज के ऊपर चार्ज" की व्यवस्था बता रहे हैं। यानी जिन अधिकारियों का मूल पद सहायक प्रबंधक है और जो वर्तमान में प्रभारी प्रबंधक के रूप में काम कर रहे हैं, उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक का प्रभार सौंप दिया गया है।

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक का प्रभार दिया गया है।

यही नियुक्तियां पूरे विवाद की मुख्य वजह बनी हुई हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ये सभी अधिकारी प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उन्हें महाप्रबंधक जैसे उच्च पद का प्रभार सौंपा गया है।

60 से ज्यादा राजपत्रित अधिकारी होने के बावजूद नहीं मिला मौका

अधिकारियों का कहना है कि विभाग में एमपीपीएससी के माध्यम से चयनित वर्ष 2016, 2017 और 2019 बैच के 60 से अधिक वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें प्रबंधक और सहायक संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

इसके बावजूद इन अधिकारियों को नजरअंदाज कर प्रभारी प्रबंधकों को महाप्रबंधक का प्रभार देने से विभाग में असंतोष बढ़ गया है। अधिकारियों का सवाल है कि जब नियमित रूप से चयनित और वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध हैं, तो उन्हें जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई।

पदोन्नति रोकी, फिर भी बड़े पदों का प्रभार दिया

विभाग के भीतर यह भी नाराजगी है कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित है। अधिकारियों का कहना है कि एक ओर विभाग पदोन्नति नहीं कर रहा, वहीं दूसरी ओर प्रभारी व्यवस्था के जरिए जूनियर अधिकारियों को वरिष्ठ पदों का प्रभार देकर वरिष्ठता और योग्यता को दरकिनार किया जा रहा है।

कई अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था विभागीय पदक्रम और सेवा नियमों के विपरीत है तथा इससे वरिष्ठ अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा।

जूनियर अधिकारी लिखेंगे वरिष्ठों की सीआर

विवाद की एक बड़ी वजह गोपनीय चरित्रावली (सीआर) भी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई जिलों में अब वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी ऐसे अधिकारियों के अधीन काम करेंगे जो मूल रूप से वर्ग-3 सेवा श्रेणी से हैं।

ऐसी स्थिति में जूनियर अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों की सीआर लिखेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह सेवा संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिहाज से असामान्य स्थिति है।

प्रशासनिक आधार पर उठ रहे सवाल

विभाग के भीतर चर्चा है कि यदि नियमित राजपत्रित अधिकारी उपलब्ध हैं, तो फिर प्रभारी व्यवस्था के जरिए उच्च पदों का प्रभार देने के पीछे क्या प्रशासनिक आधार अपनाया गया है। इसी कारण इन आदेशों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

विभाग में असंतोष का माहौल

इन आदेशों के बाद विभाग के कई अधिकारी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि वरिष्ठता, योग्यता और चयन प्रक्रिया को महत्व देने के बजाय प्रभार व्यवस्था के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं। इससे विभाग में असंतोष और निराशा का माहौल बन गया है।

फिलहाल विभाग की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभार आदेशों को लेकर चर्चा और विरोध लगातार बढ़ रहा है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 22 June 2026
भोपाल, अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चंदे और चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद के बाद मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख देवस्थानों की प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने…
 22 June 2026
भोपाल, स्वामित्व योजना में 48 लाख से अधिक लोगों को मुफ्त में रजिस्ट्री कराने राज्य सरकार ने पंचायत उपकर और पंजीयन शुल्क माफ करने का अध्यादेश जारी कर दिया है। इसके…
 22 June 2026
भोपाल, अब बीमा कंपनियां केवल यह कहकर क्लेम खारिज नहीं कर सकेंगी कि बीमित व्यक्ति ने अपनी पुरानी बीमारी छिपाई है। उपभोक्ता आयोग ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों…
 22 June 2026
भोपाल, वाणिज्यिक कर विभाग के बाद अब मध्यप्रदेश के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विभाग में तबादलों और प्रभार आदेशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग के भीतर…
 22 June 2026
भोपाल, एमपी में मानसून जितनी सुस्ती से आ रहा है, सुरक्षा इंतजामों में भी उतनी ही सुस्ती देखने को मिल रही है। सड़कों पर गड्ढों और जलभराव के साथ बिजली के…
 22 June 2026
इंदौर। पेपर लीक की घटना के बाद देशभर में रविवार को NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के दौरान जहां हजारों विद्यार्थी अपने भविष्य की परीक्षा…
 22 June 2026
भोपाल: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। अब संतान पालन अवकाश (CLC) की अवधि को ई-अटेंडेंस में उपस्थिति…
 22 June 2026
भोपाल। देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार भोपाल का मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह प्रतिबंधित संगठन सिमी और पीएफआई (पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्यों से भी जुड़ा हुआ…
 22 June 2026
भोपाल। कहते हैं बेरोजगारी सिर्फ जेब को खाली नहीं करती, बल्कि इंसान की जीने की इच्छा और उसके हौसले को भी धीरे-धीरे दीमक की तरह चाट जाती है। ऐसा ही…
Advt.