सूचना मिलते ही रोकी गई ट्रेन
घटना शनिवार को कोच एस-5 में भदभदा और सूखी सेवनिया स्टेशनों के बीच हुई। सूचना मिलते ही चीफ यार्ड मास्टर निशातपुरा से समन्वय कर ट्रेन को शाम 4:55 बजे निशातपुरा स्टेशन पर रोका गया। यहां घायल पेंट्री कर्मचारियों आनंद कुमार (31), विजय कुमार (47) और किशन सिंह (26) को उतारकर हमीदिया अस्पताल भेजा गया। विजय कुमार की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती किया गया, जबकि दो अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
भोजन सप्लाई बंद होने पर हुआ विवाद
जांच में सामने आया कि बैरागढ़ स्थित बेस किचन से जितेंद्र खटीक पिछले करीब एक वर्ष से ट्रेन की साइड पेंट्री में भोजन की सप्लाई कर रहा था। यात्रियों की लगातार शिकायतों के बाद पेंट्री ठेकेदार ने उससे भोजन लेना बंद कर दिया और 11 जुलाई से बीना स्थित आरआर से भोजन मंगाना शुरू कर दिया।
इसी बात से नाराज होकर जितेंद्र खटीक और उसके साथियों ने 10 जुलाई को संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर पेंट्री स्टाफ के साथ विवाद और मारपीट की थी। इस मामले में आरपीएफ ने उसी दिन प्रकरण दर्ज किया था।
ट्रेन में चढ़कर किया हमला
अगले दिन आरोपित बीना स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए और पेंट्री कर्मचारियों पर दोबारा जबरन भोजन लेने का दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर पहले कहासुनी हुई और फिर चाकुओं से हमला कर दिया गया।
जांच के दौरान पेंट्री स्टाफ ध्रुव कुमार के बयान भी दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन की साइड पेंट्री का संचालन एमएस अंबुज रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार राधारमण के अधीन होता है। जीआरपी ने चार आरोपितों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संयुक्त टीम लगातार दबिश दे रही है।