भोपाल। जनजातीय क्षेत्रीय विकास परियोजना की संचालक नेहा मराव्या के अपर संचालक स्तर के अधिकारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार से कलम बंद हड़ताल के बाद अब आयुक्त महिला एवं बाल विकास निधि निवेदिता विवाद में घिर गई हैं। उनके द्वारा सोमवार को कार्यालय में हुई बैठक में वरिष्ठ संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी को कक्ष से बाहर जाने के लिए कह दिया गया। यह कोई पहली घटना नहीं है।विरोध स्वरूप काम बंद कर बाहर निकले कर्मचारी
विभागीय अधिकारी के साथ हुए इस अपमानजनक व्यवहार से आहत होकर संचालनालय के अधिकारियों-कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप आधे दिन का अवकाश लेकर काम बंद रखा और कार्यालय से बाहर निकल गए। बीते एक सप्ताह में अधिकारी के व्यवहार से आहत होकर काम बंद करने की यह दूसरी घटना है।
सार्वजनिक रूप से अधिकारियों को अपमानित करने का आरोप
- महिला एवं बाल विकास विभाग के राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष सुरेश तोमर ने बताया कि आयुक्त निधि निवेदिता द्वारा सार्वजनिक रूप से अधिकारियों को अपमानित किया जा रहा है।
- सोमवार को भी बैठक के दौरान एक विषय पर चर्चा के दौरान वरिष्ठ संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी पर वह बुरी तरह से उखड़ गईं और बैठक से बाहर कर दिया। पूर्व में भी उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से इस तरह का व्यवहार किया गया है। क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार होता है।
अमले की कमी के बावजूद छोटी-छोटी बातों पर कार्रवाई
विभाग में अमले की कमी है। इसके बाद भी हर फाइल मिनटों में मांगी जाती है और न मिलने पर छोटी-छोटी बातों पर कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकने और नोटिस जारी किए जाते हैं। जरा-सी गलतियों पर निलंबन किया जाता है। जबकि, विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विभिन्न कार्यक्रमों में इसी अमले की प्रशंसा कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के समक्ष रखेंगे बात
आयुक्त के व्यवहार को लेकर संचालनालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी आधे दिन के सामूहिक अवकाश का आवेदन देकर कार्यालय से बाहर निकल आए। इसकी सूचना विभागीय मंत्री और सचिव को भी दी गई। अधिकारियों ने तय किया है कि वह मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल से मिलकर अपनी बात रखेंगे।