यही हाल इंदौर, ग्वालियर-जबलपुर के भी है। मेट्रो की वजह से इंदौर में सड़कें खुदी हुई हैं। उज्जैन में सिंहस्थ के काम चल रहे हैं। चाहे इंदौर रोड हो या, मक्सी, आगर-मालवा, बड़नगर रोड। बीच शहर में भी काम चल रहे हैं। बारिश में काम की रफ्तार धीमी होगी, पर मुसीबतें बढ़ जाएगी।
ये निर्माण कार्य मानसून में हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। चार महीने पहले इंदौर में एक बाइक सवार की ऐसे ही एक गड्ढे में गिरकर मौत हो चुकी है।
सबसे पहले भोपाल के हाल...थोड़ी सी बारिश और जाम लगेगा
भोपाल में ऑरेंज लाइन के दूसरे रूट- सुभाषनगर से करोंद के बीच 10 किमी में काम चल रहा है। भोपाल स्टेशन के बाहर अंडरग्राउंड तो सिंधी कॉलोनी, करोंद, आरिफ नगर समेत पुराने शहर से पिलर खड़े हैं। इससे सड़क की चौड़ाई आधी हो गई है। विधायक आतिफ अकील ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। फिर भी सुधार नहीं हुआ है। इससे बारिश में दिक्कतें बढ़ जाएंगी।
यही हाल मेट्रो की ब्लू लाइन- भदभदा से रत्नागिरी तक के है। न्यू मार्केट से भदभदा तक सड़क छोटी हो गई है। वहीं, रायसेन रोड पर भी ऐसे ही हाल है। हर रोज शाम को जाम लगता है। इससे करोंद, मालीखेड़ी, विदिशा रोड, अयोध्या बायपास समेत कई इलाकों में जाने वाले लोग घंटों तक फंसते हैं।
10 लेन की वजह से अयोध्या बायपास खुदा
भोपाल के अयोध्या बायपास को 10 लेन बनाने का 836 करोड़ का प्रोजेक्ट है। रत्नागिरि से आसाराम तिराहे तक काम चल रहा है। 16 किमी लंबी दस लेन सड़क पर 8 से ज्यादा ब्रिज भी बन रहे हैं। इस वजह से खुदाई की गई है। जगह-जगह से रास्तें डायवर्ट है। रात में दिक्कतें ज्यादा हैं, क्योंकि रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है।
उज्जैन: सिंहस्थ के कामों के बीच मानसून बना चुनौती, कई ब्लैक स्पॉट
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में करीब 13 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें सड़क चौड़ीकरण, ब्रिज, टनल, एलिवेटेड कॉरिडोर, रोप-वे, शॉपिंग मॉल, नगर निगम पार्किंग, महाकाल मंदिर विस्तार और मेडिसिटी परियोजना शामिल हैं। ऐसे में मानसून के दौरान निर्माणाधीन स्थलों पर आम लोगों की परेशानी और हादसों का खतरा बढ़ गया है। इसी महीने हुई थी एक बच्चे की मौत
पिछले सप्ताह रेलवे स्टेशन के पास रोप-वे निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में बारिश का पानी भरने से एक बच्चे की डूबकर मौत हो चुकी है। शहर में कई स्थानों पर खुदाई और अधूरे निर्माण कार्य मानसून के दौरान ब्लैक स्पॉट बन सकते हैं।