एस- 400 एयर डिफेंस सिस्टम को मिलेगी आंख
मिलिट्री वॉच मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक रूस की योजना है कि एडमिरल नाखिमोव पर उड़ते रडार कहे जाने वाले Ka-31 एयरबॉर्न अली वार्निंग एंड कंट्रोल या अवाक्स सिस्टम को तैनात किया जाए। इससे इस युद्धपोत का रडार कवरेज बढ़ जाएगा और एस 400 एयर डिफेंस सिस्टम तथा जिरकॉन मिसाइल को सपोर्ट मिलेगा। रूसी नौसेना का कहना है कि यह युद्धपोत न केवल फायर पावर को बढ़ाकर वापस आएगा बल्कि उसकी हवा में निगरानी की क्षमता काफी बढ़ जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक एडमिरल नाखिमोव पर 3 Ka-31 हेलिकॉप्टर तैनात किए जाएंगे। Ka-31 दुनिया के उन चुनिंदा खास एयरबॉर्न अली वार्निंग हेलिकॉप्टरों में शामिल है जो नौसेना के लिए बनाए गए हैं। ये हेलिकॉप्टर बहुत लंबी दूरी तक रडार कवरेज देने में माहिर हैं। यह विमान मुड़ने वाले एंटेना से लैस है। यह रडार फाइटर जेट और क्रूज मिसाइलों को 150 किमी की दूरी से पहचान कर लेता है। इसके अलावा बड़े विमानों को इससे भी ज्यादा दूरी से ट्रैक किया जा सकता है। Ka-31 हेलिकॉप्टर से मिले डेटा को सीधे एडमिरल नाखिमोव कमांड सेंटर या मिग 31बी फाइटर जेट को भेजा जा सकता है। खतरे की पहचान जल्दी हो जाने के कारण एस 400 सिस्टम और जिरकॉन मिसाइल भी लक्ष्य का पहचान करके उसे बहुत तेजी से तबाह कर सकते हैं।
