राजेश कुमार किलियूर और विश्वनाथन मेलूर सीट से विधायक हैं। शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार सुबह 10 बजे हुआ। इस दौरान TVK से 21 मंत्री और कांग्रेस से 2 मंत्रियों ने शपथ ली। IUML और VCK को बाहर से समर्थन देंगे।
दरअसल, 1952 से 1967 तक तमिलनाडु (तब मद्रास राज्य) में कांग्रेस की सरकार रही थी। सी. राजगोपालाचारी, के. कामराज और एम. भक्तवत्सलम इस दौरान मुख्यमंत्री रहे। 1967 में DMK के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने DMK और AIADMK दोनों के साथ गठबंधन किया, लेकिन सरकार का हिस्सा नहीं बनी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विदुथलाई चिरुथइगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के प्रतिनिधियों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। वहीं, AIADMK के बागी नेताओं को कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना नहीं है।
TVK के सीनियर नेता और मंत्री आधव अर्जुना ने कांग्रेस, VCK और IUML से सरकार में शामिल होने की अपील की। उन्होंने इसे सीएम विजय की बताई।
DMK से अलग होने के बाद सत्ता में हिस्सेदारी मिली
कांग्रेस लंबे समय से तमिलनाडु में सत्ता में हिस्सेदारी की मांग कर रही थी। पार्टी के कुछ नेताओं ने विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन सरकार की वकालत भी की थी।
कांग्रेस का पहले DMK के साथ गठबंधन था। हालांकि, DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने चुनाव से पहले साफ कहा था कि तमिलनाडु में सत्ता साझेदारी का फॉर्मूला काम नहीं करेगा।
विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 4 मई को कांग्रेस ने DMK गठबंधन छोड़कर विजय की अगुआई वाली सरकार को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पास फिलहाल 5 विधायक हैं।
विजय के साथ 9 मंत्रियों ने शपथ लिया था
विजय ने 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 9 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी।