भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार देर शाम सीने में इंफेक्शन के चलते दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। अस्पताल अधिकारियों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है।

अस्पताल के मुताबिक,उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत सूरी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और वे लगातार डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा नेता जे.पी. नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

शुक्रवार शाम 7:30 बजे अस्पताल लाया गया

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल लाया गया। उन्हें फेफड़ों के विभाग में भर्ती किया गया है और डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखरेख कर रही है।

लालकृष्ण आडवाणी 98 साल के हैं और दिल्ली में लुटियंस जोन के 30, पृथ्वीराज रोड स्थित अपने सरकारी बंगले में रहते हैं। उनकी पत्नी कमला आडवाणी का निधन साल 2016 में हो गया था, जिसके बाद से उनकी देखरेख का पूरा जिम्मा उनकी बेटी प्रतिभा आडवाणी संभालती हैं।

अटल ने की संन्यास की घोषणा और फिर आडवाणी पीएम कैंडिडेट बनाए गए

2004 में अटल बिहारी वाजपेयी की अगुआई वाला NDA चुनाव हार गया। सत्ता UPA की झोली में चली गई। नई सरकार बनने के करीब डेढ़ साल बाद फिर घटनाक्रम बदला। 29 दिसंबर 2005 को वाजपेयी ने भाजपा के सिल्वर जुबली समारोह के दौरान सक्रिय राजनीति से संन्‍यास लेने की घोषणा कर दी।

भाजपा के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर मुंबई के शिवाजी मैदान में आयोजित समारोह में वाजपेयी ने अपने अंतिम में कहा- 'मैं परशुराम की तरह राज्याभिषेक के प्रसंग से अब अपने को अलग कर रहा हूं। मैं अब न ही चुनाव नहीं लडूंगा और न ही सत्ता की राजनीति नहीं करूंगा, हां काम करता रहूंगा।' अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक संन्‍यास के बाद भाजपा ने लालकृष्‍ण आडवाणी को अपना चेहरा बनाया और उनके चेहरे पर 2009 का चुनाव लड़ा।

16 मई 2009 को चुनाव के नतीजे आए। आडवाणी की अगुआई में भाजपा सत्ता की चौखट तक नहीं पहुंच पाई। इस चुनाव में भाजपा को 116 तो कांग्रेस को 206 सीटें मिलीं।


भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी को 96 साल की उम्र में देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 फरवरी को सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और भाजपा के संस्थापक सदस्य नाना जी देशमुख के बाद ये सम्मान पाने वाले भाजपा और RSS के जुड़े तीसरे नेता हैं।