सपा प्रमुख अखिलेश यादव दिल्ली के रामलीला मैदान में SIR के विरोध में INDIA ब्लॉक की रैली में शामिल हुए। उन्होंने कहा- रामलीला मैदान आज लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है। यहां कई बार नया इतिहास लिखा गया है। एक बार फिर बदलाव आएगा। यूपी के लोग स्वागत के साथ अच्छी विदाई भी करना जानते हैं।

अखिलेश ने गृह मंत्री अमित शाह के 'अंगद का पैर' वाले बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, "जो लोग कहकर आए हैं कि अंगद का पैर है, वे जानते हैं कि जमीन ही नहीं बची है तो अंगद का पैर कहां रखोगे?"

दरअसल, अमित शाह ने शुक्रवार को लखनऊ में कहा था कि यूपी में बीजेपी की सरकार अंगद का पैर है, जिसे कोई नहीं हटा सकता है।

इससे पहले अखिलेश, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं के साथ खुली बस में सवार होकर रैली में पहुंचे। इस दौरान अखिलेश और ममता बराबर वाली सीट पर बैठे नजर आए। रैली में कुल 19 पार्टियों के नेता शामिल हुए।

विपक्ष का मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो जंक्शन से शुरू हुआ और दोपहर 3 बजे रामलीला मैदान पहुंचा।


1- 1.27 करोड़ वोट कटे तो हर विधानसभा में 31 हजार कम हुए

अखिलेश ने कहा- जहां से मैं चुनकर आता हूं, उत्तर प्रदेश, वहां के बहुत सारे साथी यहां आए होंगे। वे जानते होंगे कि आज जब रामलीला मैदान में जनसभा होने जा रही थी, उसी समय उत्तर प्रदेश में भाजपा की तरफ से कहा गया कि 1 करोड़ 27 लाख हिंदू भाइयों के वोट काट दिए गए।

सोचिए, अब भाजपा के लोगों को भी याद आ रहा है कि उनके भी वोट कट गए हैं। अगर 1 करोड़ 27 लाख वोट कटे हैं और उसका गणित 403 विधानसभा सीटों में लगा दें, तो हर विधानसभा में 31 हजार वोट कम हुए हैं। सच्चाई तो यह है कि वे अपनी हार का ठीकरा किसी और के ऊपर डालना चाहते हैं।

2- जमीन ही नहीं बची तो अंगद का पैर कहां रखोगे?

अखिलेश ने कहा कि जो लोग कहकर आए हैं कि अंगद का पैर है, वे जानते हैं कि जमीन ही नहीं बची है तो अंगद का पैर कहां रखोगे? जो लोग डबल इंजन, डबल इंजन की सरकार कहते थे, मुझे खुशी है कि काशी की जनता ने उन्हें डबल जीरो दिया है। वे एक हार से संतुष्ट नहीं थे।

यहां के साथी जानते होंगे कि दो रात, तीन दिन काउंटिंग हुई। वे अपनी चंडीगढ़ वाली चाल चलना चाहते थे, लेकिन कामयाब नहीं हुए। डबल इंजन वाले, डबल हार और डबल जीरो उन्हें उत्तर प्रदेश में मिला है। और वह क्षेत्र कौन सा है? जो लोग काशी के नाम से जानते होंगे, वे यह भी जानते होंगे कि वह क्योटो है।


3- भाजपा जानती है कि जनता के बीच अब जीत नहीं सकती

अखिलेश ने कहा कि भाजपा लगातार साजिश और षड्यंत्र कर रही है। वह जानती है कि जनता के बीच अब जीत नहीं सकती, तो उसने चुनाव आयोग के माध्यम से रास्ता अपनाया है। कौन नहीं जानता कि बंगाल का चुनाव लूटा गया है। लाखों की संख्या में फोर्स लगाकर और चुनाव से पहले SIR कराकर पूरे के पूरे वोट कटवा दिए गए थे।

हम INDIA गठबंधन के लोग हार मानने वाले नहीं हैं। हमने इनको पकड़ा है, इनकी चोरी पकड़ी है। मुझे याद है कि 2022 में जब उत्तर प्रदेश में चुनाव हुआ था, हम सरकार नहीं बना पाए। उसका कारण यही था कि उन्होंने वोट चोरी किए थे। वोटर लिस्ट से नाम हटा दिए थे।

4- 2019 में वोट डाला, 2022 में नाम कट गया

जब चुनाव आयोग को बताया गया कि आपने हजारों वोट चिन्हित करके सपा के हटाए हैं, तो मुझे याद है कि उन्होंने मुझे नोटिस दिया था कि आप किस आधार पर कह रहे हैं कि हजारों वोट काट दिए गए हैं।

हमारे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और PDA प्रहरियों ने एक-एक बूथ पर जाकर उन वोटों को ढूंढने का काम किया। बहुत से ऐसे लोग थे, जिन्होंने 2019 में वोट डाले थे, लेकिन 2022 में वोट नहीं डाल पाए थे।

हमने बाकायदा एफिडेविट देकर चुनाव आयोग को जानकारी दी कि देखिए, ये वोट काटे गए हैं। सपा की एक भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।


5- रामलीला मैदान लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है

आज जनसैलाब और जनसमर्थन देखकर कह सकता हूं कि रामलीला मैदान लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है। इस मैदान में कई बार नया इतिहास लिखा गया है। यह जो जनसमर्थन दिखाई दे रहा है, इससे फिर बदलाव आएगा। ये इंकलाब के नारे गवाह हैं कि कभी भी परिवर्तन आ सकता है।

जो लोग कभी यूपी से आए थे, वे यूपी से ही बाहर जाएंगे। यूपी वाले स्वागत अच्छा करते हैं, तो विदाई उससे बेहतर करते हैं। अभी लोकसभा में थोड़ी-बहुत विदाई की है, लेकिन 2027 में ऐसी विदाई होगी कि भाजपा और उसके सहयोगी लोग लौटकर नहीं आ पाएंगे।


6- न मूंछुआ बचने वाले हैं, न जुमलू

सच यह है कि उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख वोट कटे हैं। वे मन ही मन दिल्ली वालों पर ठीकरा फोड़ना चाहते हैं। वे जानते हैं कि हार होने जा रही है। वे हार अपने सिर पर नहीं लेना चाहते हैं। दिल्ली वालों पर हार छोड़ना चाहते हैं।

लोग कहते हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त सबसे बड़ी कड़ी हैं। उस कड़ी के साथ देश की एक बहुत प्रतिष्ठित कंपनी भी साथ दे रही है। सोचिए, कितनी बड़ी साजिश होने जा रही है।

हम यूपी के लोगों ने देखा है कि मूंछुआ आते थे। इस बार वोट मूंछुआ आए हैं। यह वोट मूंछुआ और एक कोई जुमलू भी हैं। इस बार न मूंछुआ बचने वाले हैं, न जुमलू बचने वाले हैं। इन दोनों का अंत होने जा रहा है।

7- महंगाई रिकॉर्ड तोड़ रही है, बताएं आज रुपया कहां खड़ा है

इस बार इनका अंत इसलिए होने जा रहा है, क्योंकि आज जो महंगाई रिकॉर्ड तोड़ हमें और आपको दिखाई दे रही है, जो लोग कभी डॉलर की कीमत को लेकर कहते थे कि डॉलर और रुपया कहां जा रहा है।

वे बताएं कि आज हम दुनिया में कहां खड़े हुए हैं। जो लोग विश्वगुरु बनने की बात कह रहे थे, वे अपनी वोटर लिस्ट में हेराफेरी कर रहे हैं।


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