बीआरएमएस के अनुसार पदों में कटौती से कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ेगा, जिसका असर रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से रिक्त पदों को भरने के बजाय उन्हें समाप्त किया जा रहा है, जो कर्मचारियों और यात्रियों दोनों के हित में नहीं है।
आंदोलन के तहत 22 मई को रेलवे कर्मचारी काला बैज लगाकर विरोध दर्ज करेंगे। इस दौरान डीआरएम और सीडब्ल्यूएम कार्यालयों के बाहर धरना और प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 29 मई को देशभर के जीएम कार्यालयों के सामने विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
संगठन ने कर्मचारियों से आंदोलन को सफल बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील की है और कहा है कि यह लड़ाई कर्मचारियों के अधिकारों और रेलवे के भविष्य से जुड़ी हुई है।