भारत के पिछड़ने के 5 कारण
तमाम घरेलू मजबूती के बावजूद इस साल भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा है। इसके कई कारण सामने आए हैं।- वैश्विक निवेशक भारत जैसे महंगे बाजार से पैसा निकालकर ताइवान और कोरिया जैसे उन बाजारों में लगा रहे हैं, जहां सीधे एआई और सेमीकंडक्टर थीम पर दांव लगाया जा सके।
- इस साल विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से लगभग 24 बिलियन डॉलर की भारी-भरकम बिकवाली की है।
- ईरान-अमेरिका भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने भारत के विकास परिदृश्य और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
- भारतीय शेयर बाजार का मुख्य सूचकांक इस साल करीब 8% नीचे है, जो लगातार एक दशक की बढ़त के बाद इसकी पहली सालाना गिरावट की ओर इशारा कर रहा है।
- इसके चलते MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में भारत का वेटेज भी पिछले साल के 19% से घटकर करीब 12% रह गया है।
