राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए प्रस्तावित दोनों शहरों के पीछे कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति है:
रीवा: यहाँ सम्मेलन करने से पूरे विंध्य अंचल को साधा जा सकेगा, जहाँ कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में है।
उज्जैन: बाबा महाकाल की नगरी से मालवा और निमाड़ क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के अनुसार, राहुल गांधी किसी एक या दो संभागीय सम्मेलनों में शामिल होंगे, जिसकी अंतिम रूपरेखा जल्द ही केंद्रीय नेतृत्व के समन्वय से तय की जाएगी।
हाई-प्रोफाइल बैठकें और जनहित के मुद्दे
दौरे के दौरान राहुल गांधी प्रदेश की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) के साथ भी उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इसमें आगामी चुनावों की तैयारियों और भाजपा को घेरने की रणनीति पर मंथन होगा।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से विस्थापित हो रहे आदिवासियों के आंदोलन को भी अपना समर्थन दे सकते हैं।
वर्ष 2026 का तीसरा दौरा
उल्लेखनीय है कि इस साल राहुल गांधी का यह मध्य प्रदेश का तीसरा दौरा होगा। इससे पहले:
1. 17 जनवरी 2026: वे इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई जनहानि के पीड़ितों से मिलने आए थे।
2. 24 फरवरी 2026: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने शिरकत की थी।