जौनपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा- मैं किसान हूं। चार चीनी मिलें चलाता हूं। मेरे इलाके के 10 लोकसभा क्षेत्रों में कोई मेरी फोटो लगाए बिना जीतता नहीं। सभी मेरी फोटो लगाते हैं।
उन्होंने कहा- अब हमारा किसान अन्नदाता नहीं ऊर्जादाता होगा। मैं इसी महीने टोयोटा की इनोवा लॉन्च कर रहा हूं। यह किसानों के बनाए एथेनॉल से चलेगी। वह गाड़ी 100% एथेनॉल पर चलेगी।
गडकरी ने ठेकेदारों को चेताया-

मैं ठेकेदारों को बता देना चाहता हूं कि मैंने किसी भी ठेकेदार से एक पैसा नहीं लिया है। अगर काम खराब होगा तो ऐसा रगड़ देंगे कि दोबारा कोई काम नहीं कर सकोगे।
गुरुवार को नितिन गडकरी जौनपुर पहुंचे थे। यहां 3,677 करोड़ रुपए की 2 परियोजनाओं का शिलान्यास, 3 का भूमि पूजन और 3 का लोकार्पण किया। इसके बाद मुंगराबादशाहपुर में सार्वजनिक इंटर कॉलेज में जनसभा को संबोधित किया।
गडकरी करीब 1.30 बजे हेलीकॉप्टर से पहुंचे। कॉलेज परिसर में बने हेलीपैड पर राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने स्वागत किया। इसके बाद वो खुली ई- कार से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। वो करीब 2 घंटे जिले में रहे।
1- कोई ठेकेदार खराब काम करेगा, तो रगड़ दूंगा
मैं ठेकेदारों को बता देना चाहता हूं कि मैंने किसी भी ठेकेदार से एक पैसा नहीं लिया है। अगर काम खराब होगा तो ऐसा रगड़ देंगे कि दोबारा कोई काम नहीं कर सकोगे। काम ईमानदारी और अच्छी गुणवत्ता के साथ होना चाहिए। अगर काम अच्छा नहीं होगा तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मैं अपने ऑफिस से ही कामों का रिव्यू करता हूं। छोटी-छोटी बातों का निरीक्षण करता हूं। काम की गुणवत्ता की रिपोर्ट सैटेलाइट से मेरे पास आती है। कोई बदमाशी करेगा तो बचेगा नहीं। कोई यह नहीं कह सकता कि उसे किसी को रिश्वत देनी पड़ेगी।
2- मेरे पास डॉक्टरेट की 10 डिग्रियां
ट्रांसपोर्ट मंत्री हूं। मैंने टीवीएस, हीरो और होंडा की कई मोटरसाइकिलें लॉन्च की हैं, जो किसानों के बनाए एथेनॉल से चल रही हैं।
मेरे पास इलेक्ट्रिक कार भी है और हाइड्रोजन से चलने वाली कार भी है। उसका नाम मिराई है। जिसका जापानी भाषा में अर्थ भविष्य होता है। वह गाड़ी मर्सिडीज से भी अच्छी है।
3- मैं जो करता हूं, डंके की चोट पर बताता हूं
मैं जो कहता हूं, वह करता हूं और जो करता हूं, उसे डंके की चोट पर बताता हूं। मैं खेती के क्षेत्र में ही काम करता हूं। किसानों से जुड़े कामों के लिए मेरे पास 10 डॉक्टरेट की डिग्रियां हैं।
हम पेट्रोल-डीजल के आयात पर हर साल 22 लाख करोड़ रुपए देश से बाहर भेजते हैं। यह पैसा बचेगा तो देश के किसानों के काम आएगा।
4- किसान हाइड्रोजन दाता बनेंगे, गरीबी दूर होगी
आने वाले समय में शक्कर, ज्वार, मक्का और गेहूं से किसानों की तरक्की होगी। किसान ही हवाई जहाज के लिए ईंधन बनाने का काम करेंगे। ये किसान अब हाइड्रोजन दाता बनने वाले हैं। इससे गरीबी दूर होगी।
जब हमने मक्के से एथेनॉल बनाने का फैसला लिया तो उसका रेट 2,600 रुपए प्रति क्विंटल किया। इससे यूपी और बिहार के किसानों को 45 हजार करोड़ रुपए मिले।
5- यूपी में 2 लाख करोड़ से ग्रीनफील्ड सड़कें बन रहीं
मैं उत्तर प्रदेश में 2 लाख करोड़ रुपए की लागत से ग्रीनफील्ड सड़कें बना रहा हूं। गोरखपुर से शामली तक 6 लेन की सड़क बनाई जाएगी, जिसकी लागत एक लाख करोड़ रुपए है। इसका प्रस्ताव कैबिनेट में भेजा गया है। गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक 35 लाख करोड़ की लागत से ग्रीनफील्ड हाईवे बनेगा।
वाराणसी से कोलकाता तक 22 हजार करोड़ की लागत से सड़क बनवा रहा हूं। इसके अलावा, वाराणसी में गंगा किनारे एलिवेटेड रोड बनने जा रही है। इसका टेंडर हो चुका है।
6- अमेरिका में अमीरी क्योंकि सड़क अच्छी
जब मैं पहली बार उत्तर प्रदेश आया था, तब मैंने योगीजी से बोला था कि अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने कहा था, अमेरिका के लोग अमीर हैं। इसलिए वहां की सड़कें अच्छी हैं, ऐसा नहीं है। बल्कि अमेरिका की सड़कें अच्छी हैं, इसलिए वहां के लोग अमीर हैं। मैंने ऐलान किया था कि एक दिन उत्तर प्रदेश की सड़कें भी अमेरिका के बराबर होंगी।
मैं उत्तर प्रदेश में 5 लाख करोड़ के काम कर रहा हूं। इनमें से 1 लाख करोड़ के काम पूरे हो चुके हैं, जबकि सवा लाख करोड़ के काम चल रहे हैं। बाकी 3 लाख करोड़ के काम होने हैं।
इन कामों से उत्तर प्रदेश और बिहार की तस्वीर बदल रही है। इसका श्रेय मुझे या योगी जी को नहीं जाता। इसका श्रेय मोदीजी को भी नहीं है। इसका श्रेय आप जैसी जनता को जाता है, क्योंकि आपने हमें चुना और काम करने का अवसर दिया।
7- वाशिंगटन में विदेशियों को हरे राम का जाप करते देखा
वाशिंगटन में श्रीश्री रविशंकर के कार्यक्रम में करोड़ों गोरे लोग 'हरे राम, हरे कृष्ण' का जाप कर रहे थे। इस दौरान गडकरी ने संस्कृत का श्लोक भी पढ़ा। उन्होंने कहा कि जैसे सभी नदियां सागर में मिल जाती हैं, वैसे ही हमारा इतिहास है।
इन परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
2 बाइपास समेत 3 सड़कों का लोकार्पण
627 करोड़ की लागत से बनी 49 किलोमीटर लंबी मछलीशहर-भदोही टू-लेन सड़क। इसमें 3 आरओबी, 10 पुल, 2 बीयूपी और 69 कलवर्ट बनाए गए हैं।
1,078 करोड़ की लागत से एनएच-30 के रायबरेली-प्रयागराज खंड पर 38 किलोमीटर लंबा बाइपास बनाया गया है। यह जगतपुर, बाबूगंज, ऊंचाहार और अलापुर को जोड़ता है।
1,505 करोड़ की लागत से बनी 63 किलोमीटर लंबी रायबरेली-प्रयागराज लिंक रोड।
उद्घाटन के बाद ये फायदे होंगे
बाइपास बनने से मुंगराबादशाहपुर में लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी।
मछलीशहर से भदोही के बीच बनी टू-लेन सड़क से भदोही और मछलीशहर के अलावा जंघई, बंधवा और जमुहर के बाजारों को भी फायदा मिलेगा।
जौनपुर-रायबरेली हाईवे को बाइपास के जरिए जोड़ने से मछलीशहर नगर में बड़े वाहनों का दबाव कम होगा।
रायबरेली-प्रयागराज लिंक रोड से आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
मछलीशहर तहसील के सतहरिया, पंवारा, खाखोपुर, मछलीशहर नगर, समाधागंज, गुलजारगंज और सिकरारा बाजार के दुकानदारों का आने-जाने में समय बचेगा।
सुजानगंज, बदलापुर, जौनपुर, मड़ियाहूं और मुंगराबादशाहपुर से जुड़े लोगों को भी माल ढुलाई में कम समय लगेगा।
इन 3 परियोजनाओं का भूमि पूजन
एनएच-135ए पर सई नदी पर 16 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाया जाएगा।
128 करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबा जौनपुर बाइपास बनाया जाएगा।
मड़ियाहूं कस्बे में 92 करोड़ रुपये की लागत से 1.5 किलोमीटर लंबा आरओबी बनाया जाएगा।
इन 2 सड़कों का शिलान्यास
नितिन गडकरी ने 198 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 4 किलोमीटर लंबे मुंगराबादशाहपुर बाइपास का शिलान्यास किया।
एनएच-128ए पर लता मंगेशकर तिराहे से प्रसाद इंस्टीट्यूट तक 33 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 4.7 किलोमीटर लंबे फोरलेन का भी शिलान्यास किया।