नई दिल्ली: जयपुर की मोनिका भाटी ने हौसले की मिसाल पेश की है। एक भयानक सड़क दुर्घटना और ब्रेन हेमरेज के बाद उन्होंने मौत को मात दी। इलाज के लिए अपना घर तक गंवा दिया। समाज के ताने सुने। लेकिन, हार नहीं मानी। आज पूरे शहर में उनके बिजनेस की चर्चा है। वह जयपुर के प्रताप नगर में 'फूड कॉर्नर' नाम से होम-स्टाइल रेस्टोरेंट चलाती है। यह रोजाना 100 से ज्यादा लोगों को मां के हाथ के स्वाद जैसा खाना परोस रहा है। आइए, यहां मोनिका भाटी की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।अगस्त 2021 के रक्षाबंधन के समय जब मोनिका काम से लौटने के लिए निकली थीं, तब उन्हें अंदाजा नहीं था कि एक भीषण सड़क दुर्घटना उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल देगी। गंभीर ब्रेन हेमरेज के चलते वह 5 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहीं। डॉक्टरों ने बचने की उम्मीद छोड़ दी थी। ऐसे में उनके पिता ने सिर्फ चार शब्द कहे- 'मुझे मेरी बेटी चाहिए।' बेटी की जान बचाने के लिए परिवार ने अपना आशियाना और जमा-पूंजी सब कुछ बेच दी।
जब मोनिका ठीक होकर घर लौटीं तो महीनों तक उन्होंने आईने में अपना चेहरा नहीं देखा। दुर्घटना के निशान गहरे थे। लोगों ने ताने कसे कि अब उनसे कोई शादी नहीं करेगा। उनका भविष्य खत्म हो गया है। लेकिन, इन बातों ने उन्हें तोड़ने के बजाय अंदर से और मजबूत बना दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी कहानी शेयर की। इससे उन्हें हजारों ऐसे लोगों का साथ मिला जो इसी तरह के संघर्षों से गुजर रहे थे।
कॉर्पोरेट जॉब जाने के दुख को पीछे छोड़ते हुए मोनिका ने अपने पिता के साथ मिलकर ऐसा बिजनेस शुरू करने का फैसला किया जो कभी बंद न हो- खाने का बिजनेस। जगह तलाशने में कई मुश्किलें आईं (कभी बाढ़ तो कभी एडवांस के झंझट), लेकिन दिवाली के बाद प्रताप नगर में आखिरकार एक छोटी सी जगह मिल गई। दोस्तों और परिचितों से 1 लाख रुपये उधार लेकर उन्होंने 'फूड कॉर्नर' की नींव रखी। आज वहां उनका पूरा परिवार मिलकर काम संभालता है।
आज 'फूड कॉर्नर' में दाल, चावल, छोले और मां के हाथ की बनी जैसी मुलायम रोटियां और भिंडी की सब्जी छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यह छोटा सा आउटलेट सालाना करीब 10 लाख रुपये की कमाई कर रहा है। इससे वे धीरे-धीरे अपना कर्ज चुका रहे हैं। मोनिका का सपना जयपुर के हर प्रमुख इलाके में अपना फूड आउटलेट खोलने का है। सबसे बढ़कर माता-पिता को अपनी मेहनत की कमाई से दोबारा एक नया घर गिफ्ट करना है।