इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कारसेवक की हत्या में दोषी की उम्रकैद पर रोक लगाते हुए उसे सोमवार को जमानत दे दी। नंदलाल राय उर्फ बबलू राय ने कोर्ट से कहा था कि वह भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता है।
जज सिद्धार्थ और विनय कुमार द्विवेदी ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने कई जन प्रतिनिधियों की सजा पर रोक लगाते हुए माना कि उनका वोटरों के प्रति एक कर्तव्य होता है। ऐसे में किसी नेता को सजा मिलती है और वह उस सजा (दोषसिद्धि) पर कानूनी रोक नहीं लगवा पाता, तो वह चुनाव लड़ने के अधिकार से हाथ धो बैठेगा।
दरअसल, नंदलाल राय राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय सदस्य रहे प्रमोद कुमार निगम की हत्या मामले में दोषी था। वाराणसी कोर्ट ने अप्रैल, 2025 में इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। नंदलाल कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी गवाह था। वहीं, बाद में मुख्तार से करीबी के बाद वह गवाही से मुकर गया था।
नंदलाल के वकील बोले- शक के आधार पर फंसाया गया
नंदलाल राय के वकील देवेंद्र देव गुप्ता और पीके सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि दोषी ठहराए जाने से पहले वह भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे। अब वह विधानसभा 2027 चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर, या संभव हुआ तो भाजपा की ओर से लड़ना चाहते हैं। इस पर विचार करते हुए, कोर्ट ने राय की सजा और दोषसिद्धि पर रोक लगा दी।
कोर्ट ने कहा, एक आम आदमी के आजीविका कमाने के अधिकार को ध्यान में रखते हुए जो कि किसी राजनेता के चुनाव लड़ने के अधिकार से कम महत्वपूर्ण नहीं है। अपीलकर्ता की सजा और दोषसिद्धि पर रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि वह अपनी अपील के अंतिम फैसले तक जीवित रह सके।
राय ने अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील दायर की थी। अपील लंबित रहने के दौरान राय की रिहाई की मांग करते हुए, उनके वकील ने दलील दी कि पीड़ित राजनीति में सक्रिय था। उसे केवल शक और अटकलों के आधार पर फंसाया गया।
अब उस मर्डर केस के बारे में पढ़िए, जिसमें नंदलाल को सजा हुई
पेशाब करने से रोकने पर नंदलाल की थी प्रमोद की हत्या
कैंट थाना क्षेत्र के हुकुलगंज के रहने वाले प्रमोद निगम की 17 जनवरी, 2017 की रात आठ बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह वारदात इंग्लिशिया लाइन के पास हुई थी। सुंदरपुर की राजेंद्र विहार कॉलोनी निवासी नंदलाल राय उर्फ बबलू और सिगरा के चंदुआ-छित्तूपुर निवासी शेषनाथ शर्मा को आरोपी बनाया गया था।
पुलिस की जांच में सामने आया था कि सार्वजनिक स्थल पर पेशाब करने से मना करने पर दोनों का प्रमोद से विवाद हुआ था। इस रंजिश में नंदलाल और शेषनाथ ने गोली मार कर प्रमोद की हत्या कर दी थी। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
मुख्तार का करीबी भी रहा नंदलाल
प्रमोद निगम की हत्या में सजा पाने वाला नंदलाल राय मूल रूप से गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर का रहने वाला है। वह भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में गवाह बना था। बाद में उसकी नजदीकी मुख्तार अंसारी से हो गई। इसके बाद वह गवाही से मुकर गया।
गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में 29 नवंबर, 2005 को कृष्णानंद राय की हत्या हुई थी। मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी समेत कई नामजद हुए थे। हत्याकांड में मुख्तार अंसारी साजिश रचने में नामजद था।
लखनऊ के हजरतगंज में हुए शिवा हत्याकांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब श्रद्धा दुबे की स्कॉर्पियो चलाने वाले ड्राइवर ने उसके ट्रैप करने का खुलासा किया है। उसने बताया है कि श्रद्धा किस तरह देर रात तैयार होकर पार्टी के लिए निकलती थी। मंहगे कैफे और क्लबों में जाकर रईसजादों से दोस्ती करती।